वो पत्थर ही है शायद, कोई देवता नहीं।
इतना दर्द देकर भी, वो कभी थकता नहीं।।
।वो पत्थर ही है शायद कोई देवता नहीं ..............
वो मुझे मिलता नहीं।वो पत्थर ही है शायद, कोई देवता नहीं .............
चीख चीखकर हर आवाज़ मेरी, अब गुमनाम हो गई,
किस मिटटी का बना है, वो कुछ सुनता नहीं।वो पत्थर ही है शायद, कोई देवता नहीं ...............
वो पत्थर ही है शायद कोई देवता नहीं ...............
वो पत्थर ही है शायद, कोई देवता नहीं ....................
कुछ कहता नहीं।वो पत्थर ही है शायद कोई देवता नहीं ....................
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